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तुरंत बदलें ये 5 आदतें नहीं तो हो जाएंगे बर्बाद, यह आदत बहुत से लोगों की होती है।

आज हम कुछ ऐसे 5 आदतों के बारे में जानने वाले हैं। जो आपको अपने अंदर बदलाव करना चाहिए। क्योंकि एक बेहतर इंसान बनने के साथ-साथ हमें एक सफल इंसान में ही बनना होता है। सफल इंसान आप तभी बन सकते हैं। जब आप के अंदर एक अलग तरह की भावना और कुछ करने की इच्छा होगी।

क्योंकि जो व्यक्ति कुछ अलग करने की सोचता है। वही अलग कर पाता है। वरना भीड़ में तो पूरी दुनिया पड़ी है। किसको कौन जानता है। लेकिन कुछ अलग करने वाले व्यक्ति को पूरी दुनिया जानती है।

इसलिए मैंने यहां पर कुछ अपने विचार को व्यक्त किया है। जो आपको अपनाना चाहिए। तो चलिए आगे बढ़ते हैं, और देखते हैं, कि क्या आपको मेरे विचार पसंद आते हैं या नहीं।

दूसरों से सहायता ना लेना

ऐसे बहुत से लोग हैं, जो दूसरों से सहायता मांगने में हिचकीचाते हैं। चाहे कितनी भी आवश्यकता क्यों ना हो, फिर भी दूसरों से मदद नहीं लेना चाहते हैं। यही वजह है कि ऐसे लोग अपने मंजिल से दूर हो जाते हैं। क्योंकि ऐसे कई सारे कार्य हैं। जो केवल आप अकेला नहीं कर सकते हैं। उसके लिए आपको दूसरों की मदद लेना पड़ेगा।

इसलिए आप अपने किसी भी परिवार के सदस्य या मित्रगण से बेझिझक मदद ले। जिससे वह कार्य समय पर और जल्द पूरा हो जाए। क्योंकि आपने देखा होगा, कि ऐसे कई सारे लोग हैं। जो दूसरों की मदद ले लेकर जीवन में बहुत आगे जा चुके हैं। इसका अर्थ यह नहीं है, कि आप दूसरों के ऊपर निर्भर हो जाएं।

दूसरों से मदद उतना ही लेना चाहिए। जितना की आवश्यकता हो, उसके बाद आप स्वयं उस कार्य को आगे ले जाना चाहिए। वरना दूसरों की मदद ले लेकर आप खुद को दूसरों के ऊपर निर्भर कर देंगे। जो आपके भविष्य के लिए अच्छा नहीं होगा।

अपने ज्ञान को दूसरों से छिपाना

कुछ व्यक्तियों का आदत होता है, कि वह अपने ज्ञान को दूसरों के सामने व्यक्त नहीं करते हैं, छुपाते हैं। लेकिन यह उनके लिए हानिकारक है। क्योंकि ज्ञान बांटने से ज्ञान में वृद्धि होता है। नहीं तो आपको लगेगा कि आप जिस चीज को जानते हैं। वह आप कुछ समय बाद भूल जाएंगे।

अगर आप भूलेंगे भी नहीं, तो उस चीज में क्या नया बदलाव आया है। उसको नहीं जान पाएंगे। क्योंकि प्रत्येक समय कुछ न कुछ जानकारियां बदलती रहती हैं। इसलिए आपको अपने ज्ञान दूसरों के सामने बैठना चाहिए। जिससे आपके ज्ञान में और वृद्धि होगा, और जो जानकारी आपको उस विषय पर नहीं है। उससे भी आप अवगत होंगे।

लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है, कि आप किसी भी व्यक्ति के सामने सलाह देना शुरू कर दें। जब कोई व्यक्ति आपसे किसी विषय में जानकारी लेना चाहे, तभी उसको ज्ञान देना चाहिए। उस समय आपको अपने ज्ञान को दबाना नहीं चाहिए। क्योंकि वह आपके लिए उचित समय है। ज्ञान को अर्जित करने का, जिससे आपके ज्ञान में वृद्धि होगा।

दिखावे में पैसे खर्च करना

ऐसे बहुत से लोग हैं, जो पैसे कमाते तो कम है। लेकिन दिखावे की जिंदगी जीने के लिए पैसे ज्यादा खर्च कर देते हैं। जिसकी वजह से उन्हें उधारी की जिंदगी जीना पड़ता है। वह उधारी उनको इतना भारी पड़ता है, कि उसे चुका नहीं पाते हैं। और धीरे-धीरे वह कर्ज में डूबते जाते हैं। आगे चलकर उन्हें काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है।

इसलिए दिखावे की जिंदगी जीने से अच्छा है, कि आप उतना ही पैसा खर्च करें। जितना कि आप पैसा खर्च करने की सामर्थ रखते हैं।

अगर पैसा खर्च करने से पहले दो बार सोच लिया जाए, कि पैसा हमें क्यों खर्च करना चाहिए। तो पैसे की बचत अधिक हो जाएगी। जैसे अगर आपको कोई नया इलेक्ट्रॉनिक सामान लेना है। तो पहले आप देखिए कि घर में जो पुराना इलेक्ट्रॉनिक सामान चल रहा है। वह एकदम खराब हो गया है या नहीं, क्या वह रिपेयरिंग करा कर चलाया जा सकता है? अगर नहीं तो उस अवस्था में आप पैसे खर्च करके नया इलेक्ट्रॉनिक सामान ले सकती हैं।

यह बात केवल इलेक्ट्रॉनिक सामान पर ही नहीं लागू होता है। आप कोई भी वस्तु खरीदते हैं। तो उससे पहले यह अवश्य देखना चाहिए, कि आपके घर में जो वस्तु पड़ा है। वह क्या आपके किसी काम का नहीं है। अगर नहीं है तो उसे अगर आप बेच सकते हैं तो पहले बेच दें, क्योंकि इससे आपको यह फायदा होगा, कि आपको नए सामान लेने में पैसा कम लगाना पड़ेगा।

केवल दिखावे के लिए नए-नए सामान खरीदना समझदारी नहीं है। क्योंकि यह धीरे-धीरे आपके आर्थिक स्थिति को कमजोर करता जाएगा। और एक दिन पूरी तरह से कमजोर कर देगा।

खुद की तुलना दूसरों से करना

हम लोगों की एक आदत होती है, कि अगर हम कोई भी छोटे-छोटे लक्ष्य पा गए, तो अपनी तुलना दूसरों के साथ करने लगते हैं। और उसी घमंड में जीते हैं। लेकिन यह गलत है, अगर आप कोई बड़ी सफलता हासिल करना चाहते हैं। तो इन छोटी-छोटी सफलताओं से सीखे ना, कि दूसरों से तुलना करने बैठ जाएं। क्योंकि जिस दिन आप दूसरों से तुलना करने बैठ जाएंगे। उसी दिन आप अपने बड़े लक्ष्य से दूर हो जाएंगे।

लेकिन हमारा स्वभाव ऐसा है, कि हम ना चाहते हुए भी दूसरों के साथ तुलना करने लगते हैं। लेकिन हमें इसी स्वभाव को बदलना है। क्योंकि जिस दिन आप स्वयं को बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे। उसी दिन से आप बड़ी सफलता की तरफ कदम बढ़ाना शुरू कर देंगे, और एक दिन ऐसा आएगा, कि आप उस बड़ी सफलता को हासिल भी कर लेंगे।

इसलिए आप प्रतिदिन अपने आप को बेहतर बनाने की कोशिश करें, ना कि दूसरों से बेहतर बनने की कोशिश करें। क्योंकि दूसरों को नीचा दिखाना हमारा लक्ष्य नहीं है। हमारा लक्ष्य जो है हमें उसे हासिल करने के लिए उस लक्ष्य की तरफ आगे बढ़ने की कोशिश करते रहना चाहिए। तभी आप अपने लक्ष्य को पा सकते हैं।

छोटे-छोटे लक्ष्यों को सेट न करना

हम लोगों के अंदर एक ऐसा अहंकार जागृत हो गया है, कि हमें लगता है। हम कोई भी बड़ा लक्ष्य आसानी से हासिल कर लेंगे। चाहे वह बल से या धन से लेकिन ऐसा नहीं है।

अगर आप कोई बड़ा लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं, और उस लक्ष्य को हासिल करके उस पर बरकरार रहना चाहते हैं। तो उसके लिए आपको सबसे पहले छोटे-छोटे लक्ष्य को पूरा करना होगा। जिससे आपको उस क्षेत्र में अधिक ज्ञान अर्जित होगा।

जिससे आप आगे चलकर उस बड़े लक्ष्य को पाने के बाद भी कायम रख पाएंगे। वरना ऐसे बहुत से लोग हैं। जो अपने लक्ष्य को हासिल करके भी खो देते हैं, और जहां से शुरू करते हैं, वहीं पर आकर खत्म हो जाते हैं।

मुझे लगता है, कि हमें अपने छोटे छोटे लक्ष्य को पूरा करते-करते आगे बढ़ना चाहिए। अगर ऐसा करते हैं, तो आपके अंदर एक अलग तरह का confidence आ जाएगा। जो कि आपको एक अलग इंसान बना देगा, और आप जिस दिन अपने बड़े लक्ष्य को हासिल कर लेंगे। उस दिन भी आप उसी साधारण तौर से व्यवहार करेंगे। जो आपको उससे भी आगे ले जाने के लिए मददगार साबित होगा।

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