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सूर्य रत्न माणक Ruby – किन-किन राशियों वाले जातक को रूबी रत्न धारण करना चाहिए

सूर्य रत्न माणक को संस्कृत में माणिक्य, पंद्ममराग, हिंदी में माणक, मानिक और अंग्रेजी में Ruby के नाम से जाना जाता है। रूबी सूर्य रत्न होने के कारण इस ग्रह रत्न का अधिष्ठाता सूर्य देव को माना जाता है।

असली रूबी रत्न पहचाने का विधि

असली रूबी रत्न को पहचानने के लिए कुछ महत्वपूर्ण विधि नीचे बताई गई है। जिससे आप असली रूबी रत्न की पहचान कर पाएंगे। क्योंकि आजकल मार्केट में इतने सारे निकली रूबी रत्न बेचे जा रहे हैं। जो कि काफी कम कीमत पर भी उपलब्ध हो जाते हैं। इसलिए रूबी रत्न की पहचान करना अनिवार्य है।

  • असली माणिक्य लाल सुर्ख वर्ग का पारदर्शी, स्निग्ध-कान्तियुक्त और कुछ भारीपन वजन लिए होता है। अर्थात हथेली में रखने से हल्की उष्णता एवं सामान्य से कुछ अधिक वजन का अनुभव होता है।
  • असली रूबी रत्न को कांच के पात्र में रखने से इसमें हल्की लाल किरणें चारों ओर से निकलती दिखाई पडती है।
  • असली रूबी रत्न को गाय के दूध में रखा जाए, तो दूध का रंग गुलाबी दिखाई देगा।

रूबी रत्न धारण करने की विधि

असली रूबी रत्न को धारण करने का विधि एक विशेष प्रक्रिया है। क्योंकि रूबी रत्न को कुछ नियमों से जोड़कर धारण किया जाए। तो वह आपको अपना एक चमत्कारी प्रभाव दिखाएगा। इसलिए यहां पर रूबी रत्न धारण करने के बारे में जानकारी दिया जा रहा है।

रूबी रत्न को धारण करने के लिए रविवार को सूर्य की होरा में, कृतिका, उत्तराफाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा नक्षत्रों में, रवि योग में सोने अथवा तांबे की अंगूठी में जड़वा कर तथा सूर्य के बीजमंत्रों द्वारा अंगूठी अभिमंत्रित करके अनामिका उंगली में धारण करना उत्तम माना गया है। इस रूबी रत्न का वजन 3,5,7 अथवा 9 रत्ति के क्रम में होना चाहिए।

सूर्य बीज मंत्र – ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः

जब आप रूबी रत्न धारण कर लें तब उसके बाद गायत्री मंत्र की तीन माला का पाठ, हवन एवं सूर्य भगवान को विधि पूर्वक अर्घ्य प्रदान करना चाहिए। तथा तांबा बर्तन, कनक, नारियल, मानक, गुड, लाल वस्त्र आदि सूर्य से संबंधित वस्तुओं का दान करना शुभ माना गया है।

किन-किन राशियों वाले जातक को रूबी रत्न धारण करना चाहिए?

रूबी रत्न धारण करना सभी के लिए शुभ फल देने वाला नहीं होता है। इसलिए जब भी आप रूबी रत्न धारण करें। उससे पहले आप किसी एस्ट्रोलॉजर से संपर्क कर लें। और अपने कुंडली के अनुसार ही रत्न धारण करें।

अगर आप का राशि मेष, कर्क, सिंह, तुला, वृश्चिक और धनु है। तो आप लोगों के लिए रूबी रत्न धारण करना लाभदायक रहेगा।

जिस व्यक्ति की कुंडली में सूर्य योग कारक होता हो, और उसके बावजूद भी उस जातक को सूर्य का बल प्राप्त नहीं हो रहा है। जिसके कारण वह तरक्की नहीं कर पा रहा है। उस जाति को किसी एस्ट्रोलॉजर की सलाह लेकर रूबी रत्न धारण करना चाहिए।

रूबी रत्न धारण करने के लाभ

जो व्यक्ति रूबी रत्न धारण करता है, उसे सभी राज्य की क्षेत्र में मान प्रतिष्ठा मिलता है। भाग्य उन्नति, पुत्र संतान लाभ, तेज बल में वृद्धि होता है। वही हृदय रोग, चक्षुरोग, रक्त विकार और शरीर की दुर्बलता में भी लाभ मिलता है।

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